{PDF} किसान बिल 2020 | Agriculture Farm Bill 2020 PDF | Farmers Bill 2020 PDF

48

किसान कृषि बिल 2020 PDF 2020 (kisan Bill) – मोदी सरकार किसानों की आय को बढ़ाने के लिए, अनेक प्रकार की योजनाओं और सेवाओं को शुरू कर रही है। जिसके माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधर हो सके। और किसानों की आय को बढ़ाया जा सके। जिसके लिए मोदी सस्कार द्वारा एक नया किसान बिल लाया गया। जो किसानों की फसल, बाजार, फसल मूल्य तथा बाजार मूल्य आदि से जुड़ा हुआ था। Farmers Bill को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 14 सितंबर, 2020 को लोकसभा में प्रस्तुत किया था। जिसे 5 जून, 2020 को अध्यादेश के रूप में विधेयक रखा गया था। इस बिल का मुख्य उद्देश्य कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य को सरलीकरण करना।जो लोकसभा में 17 सितंबर 2020 को पारित किया गया। था जबकि राज्य सभा ने आज इस विधेयक को पारित कर दिया।

New Kisan Bill 2020 PDF in Hindi Download => नया किसान कृषि किसान बिल 2020 की न्यू अपडेट के लिए लेख को अंत तक पढ़ें – किसान बिल आन्दोलन | 

किसान बिल के किन कानूनों में सरकार सुधार करने को हुई तैयार और कौन माँग है। कृषि बिल को लेकर अभी भी किसानों की पूरी खबर देखने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें –

नया किसान बिल का क्यों हो रहा है विरोध ?

किसान संगठनों का आरोप है कि नए कानून के कर कृषि क्षेत्र पूंजीपतियों के हाथों में चला जाएगा जिसका नुकसान किसानों को होगा। क्योंकि सरकार अकाल, युद्ध, प्राकृतिक आपदा जैसी अन्य समय पर ही न्यूनतम मूल्य निर्धारित करेगी जैसे – कोरोना काल में सैनिटाइजर – मास्क पर लगाया था।

  • कृषि उत्पाद की जमाखोरी के कारण वस्तुओं की कीमत बढ़ जाएगी।
  • मंडी में किसानों के लिए न्यूनतम मूल्य निर्धारित होता है। जबकि नये कानून में यह स्पष्ट नहीं है। किसान को फसल का न्यूनतम मूल्य मिलेगा या नहीं। क्यों उत्पादन अधिक होने से कीमत घट सकती है।
  • APMC में किसानों को फसल के मूल्य में किसी प्रकार का धोखा धड़ी होने का डर नहीं रहता है। जबकि नए बिल अनुसार पैन कार्ड वाला कोई भी व्यापारी फसल खरीद सकता है।

कृषि से जुड़े तीन बिल, जो अब बन गए हैं कानून

3 कृषि कानून 2020 जिनका विरोध किया जा रहा है। जिसकी जानकारी निम्न प्रकार है –
First sale
केंद्र सरकार ने किसानों को देश में कहीं भी फसल बेचने को आजाद किया है। ताकि राज्यों के बीच कारोबार बढ़ेगा। जिससे मार्केटिंग और ट्रांस्पोर्टिशन पर भी खर्च कम होगा।
Second bill
इस बिल में सरकार ने किसानों पर राष्ट्रीय फ्रेमवर्क का प्रोविज़न किया गया है. यह बिल कृषि पैदावारों की बिक्री, फार्म सर्विसेज़, कृषि बिजनेस फर्मों, प्रोसेसर्स, थोक विक्रेताओं, बड़े खुदरा विक्रेताओं और एक्सपोर्टर्स के साथ किसानों को जुड़ने के लिए मजबूत करता है. कांट्रेक्टेड किसानों को क्वॉलिटी वाले बीज की सप्लाई यकीनी करना, तकनीकी मदद और फसल की निगरानी, कर्ज की सहूलत और फसल बीमा की सहूलत मुहैया कराई गई है.
Third bill
इस बिल में अनाज, दाल, तिलहन, खाने वाला तेल, आलू-प्‍याज को जरूरी चीजो की लिस्ट से हटाने का प्रावधान रखा गया है। जिससे किसानों को अच्छी कीमत मिले।

Krishi Bill 2020 PDF in Hindi – kisan Krishi Bill के बारे में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जी ने कहा कि, भारतीय जनता पार्टिय के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने किसानों के हित के लिए अनेक प्रकार की योजनाओं तथा सेवाओं का शुभारम्भ किया है। जिससे किसानों को उनके उत्पाद की गई फसल की, अच्छी कीमत मिल सके। और किसानों की आर्थिक स्तर, सामजिक स्तर तथा जीवन स्तर उठ सके। इस प्रक्रिया के लिए भारत सरकार पिछले 6 सालों से अनेक प्रकार की योजनओं को शुरू कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि अनाजों की ख़रीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जारी रहेगी। kisan Krishi Bill 2020 पर प्रधानमंत्री मोदी जी ने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि, एमएसपी की दरों में 2014-2020 के बीच बढ़ोत्तरी की गई है। जो इस समय रबी सीजन के लिए एमएसपी की घोषणा आगामी सप्ताह में की जाएगी। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इन विधेयकों में किसानों की सम्पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

नया किसान बिल के मुख्य प्रावधान- (Farmer Bill 2020 in Hindi)

  • नया किसान बिल में किसानों को फसल बेचने के लिए स्वतंत्र कर दिया है। अब कोई भी किसान अपनी फसल को मंडी के बहार भी व्यापारी के पास बेच सकता है।
  • किसान अपने फसल को देश के किसी भी हिस्से में कहीं भी बेच सकता है।
  • किसानों को किसी भी प्रकार का कोई भी उपकर नहीं देना होगा। साथ ही बिल के अनुसार अब माल ढुलाई का खर्च भी देना होगा।
  • नये किसान कृषि विधेयक के अनुसार किसानों को ई-ट्रेडिंग मंच प्रदान किया जायेगा। जिससे माध्यम से इलेक्ट्रोनिक निर्बाध व्यापार सुनिश्चित किया जा सके।
  • kisan Krishi Bill के तहत मंडियों के अतिरिक्त व्यापार क्षेत्र में फॉर्मगेट, कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण यूनिटों पर भी व्यापार की स्वतंत्रता होगी।
  • इस बिल के माध्यम से किसान और व्यापारी सीधे एक दूसरे जुड़ सकेंगे जिससे बिचौलियों का लाभ समाप्त होगा।

शंकाएँ

  • सरकार द्वारा निर्धारत किया गया न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाज की ख़रीद बंद हो जाएगा।
  • किसान फसल को मंडी से बहार बेचता है। तो एपीएमसी मंडियां समाप्त हो जाएंगी
  • ई-नाम जैसे सरकारी ई-ट्रेडिंग पोर्टल का क्या होगा?

समाधान

  • MSP पर पहले की तरह फसल की खरीद जारी रहेगी। किसान अपनी उपज एमएसपी पर बेच सकेंगे। आगामी रबी
  • सीजन के लिए एमएसपी अगले सप्ताह घोषित की जाएगी।
  • किसान को अनाज मंडी के अलावा दूसरा ऑप्शन भी मिलेगा।
  • सरकार द्वारा शुरू की गयी ई-नाम ट्रेडिंग व्यवस्था भी जारी रहेगी।
  • इलेक्ट्रानिक मंचों पर कृषि उत्पादों का व्यापार बढ़ेगा। इससे पारदर्शिता आएगी और समय की बचत होगी।

कृषि बिल क्या है और किसान की क्या मांग है ?

लेख   कृषि किसान बिल (कृषि विधेयक 2020 PDF)
 भाषा   हिंदी
 लाभार्थी   किसान
 उद्देश्य   फसल बेचने के लिए अन्य बाजार प्रदान करना
किसान बिल 2020 PDF In Hindi की अधिक जानकारी हेतु इस लिंक “कृषि विधेयक 2020” पर क्लिक करें।

नया किसान कृषि किसान बिल 2020 PDF Farmers Bill 2020 PDF Download

Farmers Bill 2020 PDF | ਕਿਸਾਨ ਬਿਲ 2020 pdf | kisan bill 2020 in hindi pdf Download

agriculture ordinance 2020 pdf download कृषि अध्यादेश 2020 PDF Download

किसान बिल पर बैठक का नतीजा ?

किसान संगठन और केंद्र सरकार के बीच मंत्री मंडल के बीच 9-10-2020 को किसान कृषि बिल को लेखर अहम बैठक है। जिसमें सरकार कानून में संशोधन करने को लेकर किसानों से राय मांगेगी और बीच का रास्ता निकालने की बात रखेगी। सरकार का कहना है की नया कृषि कानून किसानों की आय को बढ़ाने के लिए बनाया गया है। न कि किसानों के ऊपर किसी प्रकार की दबाव बनाने के लिए बनाया गया है। 6 वीं दौर की बैठक में यह देखना खाद रहेगा। कि सरकार किसान बिल को वापस लेने के लिए तैयार होती है ? या कृषि बिल में कोई नया संशोधन किया जाता है ?

कृषि विधेयक के संबंध में लोग अनेक प्रकार की बातें फैला रहे हैं। जबकि कृषि विधेयक में किसान अब अपनी फसल कहीं भी बेचने को स्वतंत्र है। नये कृषि विधेयक के अनुसार सरकार MSP को जारी रखेगी। और किसानों को फसल मंडी के अलवा दूसरा ऑप्शन भी फसल बेचने के लिए प्रदान करेगी।

2021-22 रबी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य लिस्ट –
हम आपको रबी फसल 2020-21 न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्दिष्ट करने वाली पूरी तालिका प्रदान कर रहे हैं।

फसल – गेहूँ
RMS 2020-21 के लिए MSP – 1925 per quintal
RMS 2021-22 के लिए MSP – 1975 per quintal
उत्पादन की लागत 2021-22 – 960 per quintal
MSP में पूर्ण वृद्धि – 50 रुपये
लागत से अधिक (%) – 106

फसल – जौ
RMS 2020-21 के लिए MSP – 1525 per quintal
RMS 2021-22 के लिए MSP – 1600 per quintal
उत्पादन की लागत 2021-22 – 971per quintal
MSP में पूर्ण वृद्धि – 75 रुपये
लागत से अधिक (%) – 65

फसल – चना दाल
RMS 2020-21 के लिए MSP – 4875 per quintal
RMS 2021-22 के लिए MSP – 5100 per quintal
उत्पादन की लागत 2021-22 – 2866 per quintal
MSP में पूर्ण वृद्धि – 225 रुपये
लागत से अधिक (%) – 78

फसल – मसूर दाल
RMS 2020-21 के लिए MSP – 4800 per quintal
RMS 2021-22 के लिए MSP – 5100 per quintal
उत्पादन की लागत 2021-22 – 2864 per quintal
MSP में पूर्ण वृद्धि – 300 रुपये
लागत से अधिक (%) – 78

फसल – सरसों
RMS 2020-21 के लिए MSP – 4425 per quintal
RMS 2021-22 के लिए MSP – 4650 per quintal
उत्पादन की लागत 2021-22 – 2415 per quintal
MSP में पूर्ण वृद्धि – 225 रुपये
लागत से अधिक (%) – 93

फसल – कुसुम खेती
RMS 2020-21 के लिए MSP – 5215 per quintal
RMS 2021-22 के लिए MSP – 5327 per quintal
उत्पादन की लागत 2021-22 – 3551 per quintal
MSP में पूर्ण वृद्धि – 112 रुपये
लागत से अधिक (%) – 50

 

किसान बिल से जुड़ी अफवाह तथा सच्चाई –
  • न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य का क्‍या होगा?
    झूठ: किसान बिल असल में किसानों को न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य न देने की साजिश है।
    सच: किसान बिल का न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य से कोई लेना-देना नहीं है। एमएसपी दिया जा रहा है और भविष्‍य में दिया जाता रहेगा।
  • मंडियों का क्‍या होगा?
    झूठ: अब मंडियां खत्‍म हो जाएंगी।
    सच: मंडी सिस्‍टम जैसा है, वैसा ही रहेगा।
  • किसान विरोधी है बिल?
    झूठ: किसानों के खिलाफ है किसान बिल।
    सच: किसान बिल से किसानों को आजादी मिलती है। अब किसान अपनी फसल किसी को भी, कहीं भी बेच सकते हैं। इससे ‘वन नेशन वन मार्केट’ स्‍थापित होगा। बड़ी फूड प्रोसेसिंग कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करके किसान ज्‍यादा मुनाफा कमा सकेंगे।
  • बड़ी कंपनियां शोषण करेंगी?
    झूठ: कॉन्‍ट्रैक्‍ट के नाम पर बड़ी कंपनियां किसानों का शोषण करेंगी।
    सच: समझौते से किसानों को पहले से तय दाम मिलेंगे लेकिन किसान को उसके हितों के खिलाफ नहीं बांधा जा सकता है। किसान उस समझौते से कभी भी हटने के लिए स्‍वतंत्र होगा, इसलिए लिए उससे कोई पेनाल्‍टी नहीं ली जाएगी।
  • छिन जाएगी किसानों की जमीन?
    झूठ: किसानों की जमीन पूंजीपतियों को दी जाएगी।
    सच: बिल में साफ कहा गया है कि किसानों की जमीन की बिक्री, लीज और गिरवी रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है। समझौता फसलों का होगा, जमीन का नहीं।
  • किसानों को नुकसान है?
    झूठ: किसान बिल से बड़े कॉर्पोरेट को फायदा है, किसानों को नुकसान है।
    सच: कई राज्‍यों में बड़े कॉर्पोरेशंस के साथ मिलकर किसान गन्‍ना, चाय और कॉफी जैसी फसल उगा रहे हैं। अब छोटे किसानों को ज्‍यादा फायदा मिलेगा और उन्‍हें तकनीक और पक्‍के मुनाफे का भरोसा मिलेगा।
When will the new amendment farmers bill ?

नया कृषि किसान संशोधन बिल सरकार और किसान संगठनों के बीच बैठक होने के बाद जो नतीजा निकलेगा। उसके बाद ही naya sanshodhan krishi kisan bill आयेगा।

48 Comments
  1. Vikash Kumar says

    Kisan virodh q kar rahe hai

    1. Tarun says

      Kyoki kuchh chutiya log apni dalaali ke chakkar me aur netagiri ke chakkar me kisano ko farzi baate kar Daraa rahe hain…

      1. Arun grover says

        This bill feaver in famaer but all most farmer not understanding this bill I think explain the bill by news and other system

    2. Sonu Sharma says

      Sarkar kishano ka eatna payar kq karte ha,.
      Jab kishan Mana karta ha to sarkar ko enaki
      Batt man let enko kq sardi me Ghar se bahar sadak per ha ase kanon ka Kya fayda just se
      Kise bhi aadmi ki martu hoti ho ,kanon se aadmi
      Ka hit hota ho to. Kanon nahi to ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

  2. हरी says

    में तो सहमत हू क्रषि बिल पर जो सरकार ला रही है

    1. Balwant Singh says

      भाई पहले गवर्नमेंट के अनुसार कुछ क्वांटिटी ही स्टॉक सकते थे अब बड़े बिजनेसमैन बहुत बड़ी क्वांटिटी में स्टॉक करेंगे और कमी होने पर महंगा माल आवाम को बेचेंगे फिर महंगाई कहां जाएगी आप बताओ।

      1. Mukesh says

        ok sahi bol rahe ho to 3 no bill ko cancel koi kar ware ho is ko thik kar wao jo problem h bhai jab sarkar bol rahi h ki jo problem h wo bato us ke updar bat karo aap log us ke uper bat karo na

        1. Pankaj Maurya says

          Right

    2. Rampal Singh says

      अगर यह बिल किसानों के हित के लिए है तो आंदोलन क्यों कुछ न कुछ तो गलत है बरना किसान सड़कों पर नहीं आते इस बिल की वास्तविक्ता बताएं और निर्धारित मूल्य बताएं कहीँ अंग्रेजों बाला शासन न हो जाये कि किसान कमाता रहे फसल को पूंजीपति ले जाएं और किसानों को मिले सिर्फ मजदूरी मै भी एक किसान हूँ

  3. neeru says

    mai krishi bill se shmat hu, agar kuch kami lag rahi hai, to sarkar usse dur kr sakti hai

    1. Pawan says

      Ab se pahle kisan jeeta aa raha hai sab manage karta aa raha hai aage bhi kar lega. Aagar help karni hai to kuch aur bhi accha kiya ja sakata hai etni jidda kyo hai. Farmers should be 😊. They are the backbone at any cost we can’t compromise.

  4. आनंद सिंह says

    यह एक पेड वेबसाइट है जो प्रायोजित एकतरफा फैक्ट सरकार के पक्ष में बता रही है| बिल में MSP के बारे में स्पष्ट उल्लेख नहीं!
    मंडी के अन्दर खरीदी पर टैक्स होगा और बाहर नहीं तो मंडियां बंद होंगी या नहीं? सरकार की जगह व्यापारी ही स्टोर करेंगे इससे जमाखोरी करके आम जनता को अनाज भी आसमान छोने वाली कीमतों पर मिलेगा और किसानों से खरीदा जाएगा कौड़ी के भाव !
    यही कृषि विधेयकों की सच्चाई है!
    इस तरह की fake websites पर भरोसा न करें हो सके तो इनको ब्लाक करें|

    1. Suresh says

      ये असली किसान बिल नहीं है और अगर ये असली है तो किसान इसका विरोध क्यूँ कर रहा है?
      कृपया करके असली बिल पोस्ट करें।

      1. rohit says

        सरकार सारे काम कोर्पोरेट के लिए कर रही है शुरू में अच्छा लगेगा बाद में नियंत्रण बड़े व्यापारी जैसे अम्बानी अड़ानी के हाथों में चला जाएगा…तब मूर्ख जनता रोती रहेगी

    2. Rishabh Sengar says

      Sarkar msp par likhit aashwasan dene ko taiyar h

      1. Rampal Singh says

        अगर यह बिल किसानों के हित के लिए है तो आंदोलन क्यों कुछ न कुछ तो गलत है बरना किसान सड़कों पर नहीं आते इस बिल की वास्तविक्ता बताएं और निर्धारित मूल्य बताएं कहीँ अंग्रेजों बाला शासन न हो जाये कि किसान कमाता रहे फसल को पूंजीपति ले जाएं और किसानों को मिले सिर्फ मजदूरी मै भी एक किसान हूँ

        1. Sagar V says

          मुझे लगता है की तुम एक अकेले समझदार हो पूरे देश में जो इस तरह की बेतुका सलाह दे रहे हो ,अरे मुर्ख बिल को खुद ही पढ़ लो कम से कम १०० WEBSITES पर ये बिल उपलब्ध है ! अब अगर तुम्हारे दिमाग में ही कोई खराबी है तो इसका तो हॉस्पिटल में भी इलाज संभव नहीं है
          Sagar V
          Punjab

          1. Dr. Sunil Chaudhary says

            This bill is all right and farmers want to discuss any matter than open ear and try to listen reasonable answering. Thanks…

      2. Hhu says

        Sala jo kisan nhi h vhi kh rhe h ye bill shi h . Abe bewkoof logo agar kisi company ko unlimited storage ki chhut mil jayegi to market me supply ko control krke price apni marzi se high ya low kregi . Jaisa aaj kal pyaj ke sath hota h..

    3. RAJNISH says

      PADO BILL KO, SAB SAMAJH ME AA JAYEGA

    4. उज्जवल says

      सही बात ।
      ,,जो आड़ती खरीदते ह वे टैक्स देते ह ?किसको ?

  5. Avantika says

    This bill is all right

  6. Bd says

    मै तो सहमत हूं

  7. Prince Kaul says

    Yeh jooth hai mai btata hu asli kisaan bill kya hai
    Inone poori jankari nhi di
    Pehla yeh ki jo bhi private sector dhaan ja fasal khridega vo contrect ke dvara khridega
    Us contrect ko sirf company smapat kr sakti hai kisaan nhi
    Company us contrect ke base pe bank se loan le sakta hai ko us zameen pe hoga jo kisan ki hai
    Agr company loan leti hai or contrect cancel kr de to loan ki rakam kisan ko bhrni hogi mtlb koi bhi company ek trike se kisaan ki jameen bech sakti hai
    Eiske ilava aaj agar dhan ka price 20 rs kg hai company aaj tume 25 rs kg pe 5-10 saal ka centrect kregi agar agle saal rate 30 hua to kisan ko 25 hi milega par agar rate 20se 15 hua to company rate cancel kr degi
    Kisaan is bare me court me nhi ja sakta
    Inine kha msp nhi jaygi jo saaf jooth hai

    Abb sab se buri khabar jo kisano ke liye nhi aam logo ke liye hai

    Kisaan to jo boyega usme se apne khne ke liye anaaj nikal ke bechega
    But problm une hogi jo khreed k khata hai
    Jese ki abi es saal moga dist me jo makki ki fasal 7 rs killo biki vohi fasal delhi me reliance store pe 150 rs killo kil rhi hai
    Door ni jata big bazaar me jake dekho 20 rs killo anaaj khrid ke big bazaar me 47 rs killo lga hai mtlb 2× se jyada profit
    Jo 100 kiloo ki bori aaj 2000 or 2200 ki milti hai vo 5000 me milegi
    Bhai galat bato ko na suno aaj 5 judge vakeel wahan baithe hai PHD kiye log us dharne me hai MSE kiye log vo anpad nhi hai logo ko bevkoof bnane me modi or godi media ka haath hai khud bill pado or samjo ki isme kya problm hai

    1. राघव says

      Aap achi Story banaty ho… Pr aapki baat se sachai ka koi lena dena nhi h… Both r polls apart.
      Jab nafrat jhooth pr sawar ho insaan sochne ki shamta khodeta h

    2. Gopal says

      Ye to aapne banaya lagta h.
      bhai jab sarkar bol kr kah rhi h ki kisaan ki jameen se koi lena dena nhi h to fir kyo nhi smz rhe ho , aapko privet company ko nhi dena h to sarkari mandiya kaha band ho rhi h bhai .
      Rajniti mat kr bhai…

      1. shekhar suteri says

        Very True

    3. Gurjant Singh says

      28 Nov se kisan delhi gye hue hia isko theak karwane k liye lekin phir hi sarkar sun mhi rahi kisano ki. kyu. or ye bills poori tarha se kisan maaru hai ye sab jante hai. Agar sarkar sachi hai to ye baat likh kar kyu nhi deeti k MSP hamesha rhegi, kyu sirf bol hi rhi hai. Or bills me ye kyu likha k contract k baad contractor kisan ki jameen pe loan bhi le sakta hai or kisan kisi nhi court me jakar case nhi kar sakta.

  8. Pankaj says

    ओ भाई ये तो सही है। की बीच में से दलाल हट जाएं।
    और भाई वेबसाइट गलत नहीं है।
    सोच गलत है कई लोगो की।

  9. Anonymous says

    Kisan Amendment Farmers Bill 2020 pdf

  10. VIJAY KUMAR says

    Ye jo chand MP’s baithe hue hai sarkar ye sab sahi hai or jo 60-70 crore kisaan jo kheti krta hai or bharat ka pet bharta hai wo galat ho gye wah ji waj mutthi bhar udyogpati desh ki 110 crore janta par raj krna chahte hai ye modi sarkar Gujarat ko to pura bech diya ab ye dusre rajyon ko bhi bechna chahti hai

    1. Sanjeev Sharma says

      Ye बिल्कुल गलत है, सिर्फ किसान contract cancel कर सकता है

  11. रमेश चन्द्र किसान says

    ये बिल आने से किसान गुलाम हो जायेगा

    1. shekhar suteri says

      Very True,
      Such type of Hindustanis are spreading Rumor only.

    2. किसान says

      जब मै कॉन्ट्रैक्ट करूंगा ही नहीं तो कैसे गुलाम बन जाऊंगा ये बताओ मै कही भी बेचू मेरी मर्जी क्यों आजादी के बाद किसान बहुत खुश था क्या /गरीब किसान पैसो की तंगी होने के कारण या पैदावार नुकसान होने से मर जाता था या कर्ज के कारण पहले लेकिन इस बिल में कुछ तो अच्छा है /अब किसान नेता राजनीती कर रहे है जो कमी है बिल में उसे दूर करवाओ msp पर कानून बनवाओ अगर किसानो की हित की बात है तो

  12. jaihind says

    fact hai contract fasal ke liye hain land ki nai and if banks are giving loan to company then how they can claim on farmers land in case of non repayment?
    farmers ko fasal kahan deni hai woh decide karenge forcefully company ko dene ki baat koi nahi kar raha hai throuh e portal ek aur pltform mil raha hai pehle ki mandi as it is rahegi.
    yes there should be limit in storage,kalabazari ke chances hai.
    msp hai aur rahegi aap directly jaise de rahain hain waise hi continue rakhiye

  13. Yash Rajput says

    Two conditions must remain alive there :

    (a) MSP bani rehni chahiye.
    (b) Mandi system band nhi hona chahiye.
    Baki iss bill se koi problem nahi hai.
    Aek aur prabdhan bill mein shamil hona chahiye jiska aaj tak na kisi sarkar NE, na kisi kisan ne aur na hi kisi middle class ne Baat kiya..
    Jaise aap minimum support price (MSP) se kissan ko chinta mukat kar dete ho, Theek isi prakar MSP ke aadhar Pe MAXIMUM SELLING PRICE (MSP) bhi Fix kar deni chaihiye taki contractors stocking ko jyada dair tak rakh kar price bhadne ka mauqa hasil na kar paye…. Aesa karne se aam janta (poors and middle class) ki jaeb pe jyada bojh nahi aayega.
    For example :
    Wheat…. 2200 per quintal (MSP)
    ISKELIYE MAXIMUM SELLING PRICE 3000 per quintal se adhik na Ho…Asia Karne se mehangai pe lagam lag jayegi..
    Jai hind…..
    Regards aek FOUJI..

    1. Harish says

      I am agree with you.

  14. Vishal kumar says

    पहली बात की ये बिल ऐसे टाइम पर आया जब पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी से लड़ रहा था ऐसे टाइम मे कोरोना से लड़ने के बजाए बिल लेकर आना और सांसद मे जिस तरह जबरजस्ती पास करना बिना किसी जांच कमेटी के कई सवाल खड़ा करता है और ये बिल सिर्फ अंबानी और अडानी के कहने पे लाया गया है

  15. Abhi says

    इस बिल के आने से किसानों को लाभ होगा कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में व्यापारी को जो चाहिये उसकी खेती करवायेगा इस से किसानों से ओह अधिक दाम में खरीदेगा। जिस तरह ठेकादरी देने से काम जल्दी ओर आसानी से हो जाता है उसी तरह किसानों को भी इस से लाभ होगा। सर्कार को इसमे किसानों के लिये कानून बनाना चाहिये

  16. shekhar suteri says

    Are Yaar Pagal n Bane or n banayen. Farmers Bill desh ke sabhi kisano ke pakshya mai hai.
    Do not spread rumor, please

  17. Vishal says

    Right, kyoki jab tak kishan nhi chahega tab tak koi bhi loan nhi le skta

  18. Susann says

    मैं यह नहीं मानता कि यह जो लेख है उसमें पारदर्शिता है? कृषि क्षेत्र में अग्रणी राज्य पंजाब हरियाणा के किसानों का कानून का विरोध करना ही यह बताता है कि सरकार कुछ बातों को छिपा रही है। सरकार किसानों के आंदोलन को कमजोर करने के लिये कभी कोंग्रेस प्रयोजित तो कभी राहुल प्रयोजित कभी विपक्षी प्रयोजित आंदोलन कहकर बरगलाने लगी है। विपक्ष का कार्य ही सरकार के दूसरे पक्ष (आम जनता) के साथ कार्य करना है। जब लोकतांत्रिक देश में लगे की सरकार द्वारा लिये गये कदम अनुचित है।

  19. kulbir boparai says

    Modi ke bjp na ja galat bill hai jis sa sarkari mandi bandh ho gi aur businessman log fasal ka shi rate nai dega aur kissan ka nuksan hoga businessman food storage kar badh ma jo kissan kam rate ma li food ko jayada rate ma sale karaga jis sa poor admi ki roti v pounch as door hoga ja site par galat bata rha hai jo

  20. Ramesh Kumar Sharma says

    Saste me kharid kisan marega mahanga bechenge aam janta maregi fayada keval bade business men ka hi hoga

  21. Arun Kumar Patel says

    Ye kanoon galat hai bhai ye corporate gharane ko khuli chhoot mil jayegi food bhandaran ko automatically mahgayi badh jayegi

  22. RAJNISH says

    कौन सा निजी क्षेत्र जनता को लाभ देता है.क्यों अनाज, दाल, तिलहन, खाने वाला तेल, आलू-प्‍याज को जरूरी चीजो की लिस्ट से हटाने का प्रावधान रखा गया है।इसका मतलब है जब सीजन में कोल्डस्टोर में सभी आइटम स्टोर करें.क्योंकि कोई नहीं पूछता कि आप सभी वस्तुओं को क्यों स्टोर करते हैं और कुछ समय बाद बाजार में उच्च मूल्य पर बिक्री करते हैं. बिल के अनुसार सरकार के पास व्यवसायी से कोई सवाल पूछने का अधिकार नहीं है। वह सभी आइटम क्यों संग्रहीत करता है। जब कीमत 100% नहीं बढ़ी

  23. Anil Singh says

    in this bil farmer is free to break tieup with compnay any time without penalty , and farmer is not bound for this also .
    then whats wrong in it ?

Leave A Reply

Your email address will not be published.