Dhanteras Puja Vidhi In Hindi PDF | धनतेरस सम्पूर्ण पूजा 2022

Dhanteras Puja Vidhi PDF:  धनतेरस कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष धनतेरस धनतेरस 23 अक्टूबर 2022 को आ रहा है। इस दिन नई चीजें खरीदने की परंपरा भी है। इस दिन माँ लक्ष्मी व कोषाध्यक्ष कुबेर और भगवान धनवंतरि की पूजा की जाती है। मान्यता है की इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा करने से माँ लक्ष्मी कृपा से घर में धन के भंडार हमेशा भरे रहते हैं और धन-संपदा में वृद्धि होती है।यहां हम आपको Dhanteras Puja Vidhi PDF का लिंक प्रदान कर रहें हैं।

Dhanteras Puja Vidhi In Hindi PDF

आर्टिकल/पीडीएफ   धनतेरस पूजा विधि
लाभ   धन-संपदा में वृद्धि
लाभार्थी   सभी भक्तगण
कब मनाया जाता है   कार्तिक मास कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
उदेश्य   माता लक्ष्मी की आराधना करना
धनतेरस 2022 तिथि   23 अक्टूबर 2022
पूजा शुभ मुहर्त  23-10-2022 (5:44 PM to 6:05 PM)
Dhanteras Puja Mantra ओम श्रीं, ओम ह्रीं श्रीं, ओम ह्रीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय: नम:।

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धनतेरस सम्पूर्ण पूजा विधि PDF

  • धनतेरस पर शाम के वक्त शुभ मुहूर्त में उत्तर की ओर कुबेर और धनवंतरि की स्थापना करें।
  • इसी के साथ मां लक्ष्मी व गणेश की भी प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करनी चाहिए।
  • अब दीप प्रज्वलित करें और विधिवत पूजन करना आरंभ करें।
  • तिलक करने के बाद पुष्प, फल आदि चीजें अर्पित करें।
  • अब कुबेर देवता को सफेद मिष्ठान और धनवंतरि देव को पीले मिष्ठान का भोग लगाएं।
  • पूजन के दौरान ‘ऊं ह्रीं कुबेराय नमः’ इस मंत्र का जाप करते रहें।
  • भगवान धनवंतरि को प्रसन्न करने के लिए इस दिन धनवंतरि स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।

धनतेरस की पौराणिक कथा PDF Download

कथा के अनुसार एक समय भगवान विष्णु द्वारा श्राप दिए जाने के कारण देवी लक्ष्मी को तेरह वर्षों तक एक किसान के घर पर रहना था। माँ लक्ष्मी के उस किसान के रहने से उसका घर धन-समाप्ति से भरपूर हो गया। तेरह वर्षों उपरान्त जब भगवान विष्णु माँ लक्ष्मी को लेने आए तो किसान ने माँ लक्ष्मी से वहीँ रुक जाने का आग्रह किया। इस पर देवी लक्ष्मी ने कहा किसान से कहा कि कल त्रयोदशी है और अगर वह साफ़-सफाई कर, दीप प्रज्वलित करके उनका आह्वान करेगा तो किसान को धन-वैभव की प्राप्ति होगी। जैसा माँ लक्ष्मी ने कहा, वैसा किसान ने किया और उसे धन-वैभव की प्राप्ति हुई। तब से ही धनतेरस के दिन लक्ष्मी पूजन की प्रथा प्रचलित हुई।

धनतेरस का महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय भगवान धनवंतरि इसी दिन अपने हाथों में अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन उनका पूजन किया जाता है। इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है क्योंकि जब भगवान धनवंतरि प्रकट हुए तो उनके हाथों में कलश था। इस दिन माँ लक्ष्मी धन कोषाध्यक्ष कुबेर और भगवान धनवंतरि की पूजा का विधान है। इस दिन सच्चे मन से पूजा से घर में कभी धन की कमी नहीं होती।

धनतेरस पूजा शुभ मुहूर्त 2022

  • शाम 7 बजकर 10 – रात 08 बजकर 24 (22 अक्टूबर 2022)
  • प्रदोष काल: शाम 5.52 – रात 8.24 (22 अक्टबर 2022)
  • वृषभ काल: शाम 7.10 – रात 09.06 (22 अक्टबर 2022)
  • कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ – 22 अक्टूबर 2022, शाम 6 बजकर 02 मिनट से
    त्रयोदशी तिथि का समापन- 23 अक्टूबर 2022, शाम 6 बजकर 03 मिनट पर
    इस दिन धन्वंतरि देव की पूजा का शुभ मुहूर्त – 23 अक्टूबर 2022 रविवार, 5 बजकर 44 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक

 

धनतेरस पूजा मुर्हुत: 06:18 PM से 08:10 PM तक
प्रदोष काल: 05:32 PM से 08:10 PM तक
वृषभ काल: 06:18 से रात 08:13 PM तक

त्रयोदशी तिथि आरंभ: सुबह 11:31 बजे से (2 नवंबर 2022)
त्रयोदशी तिथि समाप्त: सुबह 09:02 बजे तक (3 नवंबर 2022)

 

 

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